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एक 'छोटी सी भूल' की बडी सजा

Posted On: 14 Oct, 2012 Others में

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इस खबर को लिखने से बॉस से काफी चर्चा की काफी सोचा फिर मन में आया क्‍यों न इस केस को पूरे समाज को जोडा जाए. आगे आपके सामने हैं. आपकी प्रतिक्रिया का मुझे इंतजार रहेगा…

सीमा को शायद इस बात की जानकारी नहीं थी कि किराएदार को रखने से पहले पुलिस वेरीफिकेशन जरूरी होता है. उनका नाम, परमानेंट एड्रेस, काम जैसी तमाम बातों को पता करना जरूरी होता है. ये गलतियां शायद माफ करने लायक हो सकती हैं, लेकिन किराएदार को रखने से पहले अपने पति को जानकारी न देना और चुपचाप घर आने की परमीशन बहुत बड़ी गलती साबित हुई. जिसकी सजा भी काफी बड़ी किराएदार के बहाने दो युवकों ने पिस् किराटल के दम पर सीमा और दो छोटे बच्चों को बंधक बनाया और आराम से लूट की वारदात को अंजाम दिया. जले पर नमक ये कि पुलिस ने भी इस मामले को लूट में न दर्ज कर चोरी में किया.
flashback
(भागीरथी कुंज, जे-323 में सुभाष अपनी पत्नी सीमा, दो बेटे कुणाल (12) और आकाश (10) के साथ रहते हैं. घर से थोड़ी दूर पर कुणाल इलेक्ट्रोनिक्स नाम से उनकी दुकान हैं.) सीमा के घर की डोर बेल बजती है. सामने दो लडक़े खड़े होते हैं. परिचय दिए बिना दोनों किराए पर कमरा लेने की बात करते हैं. 3 हजार रुपए किराया सुनकर सीमा लालच में आ जाती है. तुरंत हां कर देती है. इसी खुशी में वह दोनों के बारे में कुछ भी पूछना भी भूल जाती है.
पति को देना था सरप्राइज
सीमा सोचती है कि पहले किराएदारों को आ जाने दो. हाथ में तीन हजार रुपए किराया भी आ जाए. उसके बाद पति सुभाष को इस बारे में जानकारी देगी. अपनी समझदारी का नमूना पेश कर उनकी वहावाही लूंगी. सीमा ने अपने पति को कुछ नहीं बताया. उसे इस बात का पूरा भी अंदाजा भी नहीं था कि उसके साथ इतनी बड़ी वारदात हो सकती है. उसकी एक छोटी सी भूल से जिंदगी भर की कमाई को झटके में दूर कर सकती है. खैर सीमा ने खुशफहमी चार दिन बिता दिए.
हो गई अनहोनी
शनिवार को दोपहर 12 बजे उनके दरवाजे पर दस्तक हुई. सीमा ने दरवाजा खोला तो दोनों किराएदार सामने खड़े थे. दोनों अपना सामान अंदर चले गए. घर में सीमा और दोनों बच्चों के अलावा कोई नहीं था. सीमा ने बताया कि थोड़ी देर बाद दोनों ने पिस्टल निकाली और सीमा व उसके बच्चों को गन प्वाइंट पर लेकर एक ओर बैठा दिया. उसके बाद घर में रखा सारा कीमती सामान बटोरने लगे. दोनों ने घर से छह तोला सोने की ज्वैलरी, आधा किलो चांदी की ज्वैलरी और कीमती कपड़े लेकर फरार हो गए.
फिर जले पर नमक
सीमा ने तुरंत अपने पति को फोन किया. सुभाष घर पहुंचा तो सीमा शुरू से अंत तक सारी कहानी बयां कर दी. फिर क्या दोनों इंचौली थाना पहुंचे. वहां भी कोई सहयोग नहीं बड़ी मुश्किल से इस घटना को चोरी की धाराओं में दर्ज कर निपटा दिया. ये घटना उन तमाम लोगों के लिए सबक की तरह है जो बिना वेरीफिकेशन और हेड ऑफ द फैमिली को बताए बिना किराएदार को रखते हैं. आइए जानते हैं इंचौली थाने के इंचार्ज से बात होने उन्‍होंने क्‍या कहा, ‘ये लूट नहीं चोरी की घटना है. जिसका मामला दर्ज कर लिया गया है. लोगों में इस बात की अवेयरनेस खुद आनी चाहिए कि किराएदार को रखते समय पुलिस वेरीफिकेशन जरूर कराएं.’



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2 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

vaidya surenderpal के द्वारा
October 17, 2012

इस घटना से सभी को सबक लेना चाहिए । अच्छी शिक्षाप्रद प्रस्तुति के लिए आभार ।

pitamberthakwani के द्वारा
October 14, 2012

सुभाष जी, न जाने क्यों लोग इसे जरूरी नहीं समझते? पर पुलीस भी कम तो दोषी नहीं है,इसके ल्लिये ? क्या हम वेरीफिकशन करवाने के लिए कहें , तो भी यह काम इतना सरल्लता से नहीं करती इसलीये भी दिक्कत होती है! फिर भी आपकी पत्नी ने समझ से काम नहीं लिया ही, मानना होगा! और जब सजा बड़ी है, तो भूल को छोटी नहीं कहा जा सकता!


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